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SSC JHT Descriptive Paper के लिए अनुवाद अभ्यास

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SSC JHT Descriptive Paper के लिए अनुवाद अभ्यास नियमित रूप से किया करें. अनुवाद आप रातों-रात नहीं सिख सकतें है. कोशिश यह जरूर करें कि आप शुद्ध हिंदी और शुद्ध अंग्रेजी बोलें. किसी अंग्रेजी शब्द का हिंदी नहीं स्मरण आ रहा हो तो तुरंत शब्दकोष का सहारा लें.

निम्न पाठ का आप अंग्रेजी अनुवाद करें और अपने अनुदित पाठ की जांच उत्तर पाठ से जरुर कर लें. उत्तर श्रोत अनुवाद पाठ के निचे दिए गए लिंक पर क्लीक करने पर प्राप्त होगा-

हमारे देश में प्रजातंत्र का भविष्य किसी भी अन्य देश के समान, युवावर्ग के हाथों में है। युवाओं की अपने देश के भविष्य में बड़ी भागीदारी होती है और उन्हें भारत को विश्व का एक अग्रवर्ती प्रजातंत्र बनाने के लिए कठोर परिश्रम करना चाहिए। हमारी युवा-पीढ़ी से यह अपेक्षा की जाती है कि देश के समक्ष जो नीतियाँ है उनके प्रति समर्पण की एक नई भावना पैदा करें। यह अन्यंत आवश्यक है कि वे महान वट वृक्ष के समान उस संसद के कार्यचालन को समझें और सराहें जिसकी सुहावनी छत्रछाया के नीचे सभी प्रजातांत्रिक संस्थाएँ फलती-फूलती है। उनकी युवा शक्तियों को रचनात्मक, स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण गतिविधियों में लगाने के लिए और यह आश्वस्त करने के लिए कि वे कल के उपयोगि नागरिक बनने के लिए संसदीय प्रकृति और संस्कृति के सवोच्च गुणों को आत्मसात करें, यह अति आवश्यक है कि वे आरंभ से ही जनतांत्रिक जीवन पद्धति के अभ्यस्त हो सकें और संसदीय कार्यचालन की प्रक्रियाओं को अच्छी तरह जान सकें।

The future of democracy in our country as anywhere else, lies in the hands of the youth. The youth have greater stake in the future of this country and they must work hard to make India one of the foremost democracies of the world. A new sense of dedication, towards the goals and policies that the country has before it, is required of your younger generation. It is of utmost importance that they understand and appreciate the functioning of Parliament – the great banyan tree under the balmy shad of which all democratic institutions flourish. In order to channelize their youthful energies into constructive, healthy and purposeful activities and to ensure that they imbibe the best of parliamentary ethos and culture to become useful citizens of tomorrow, it is imperative that they are attuned to democratic way of life and be made well aware of the processes of parliamentary functioning from an early age.

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