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Tips and Strategy for Essay-writing with an Example for SSC JHT Exam Paper-II

बंधु

एक निबंध है नारी सशक्तिकरण जो कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गये है। इस परीक्षा के लिए भी यह निबंध महत्वपूर्ण है। इस निबंध को लिखने के लिए निम्नलिखित प्रारुप का इस्तेमाल करें-

1.         भूमिका

2.         प्रस्तावना और फिर इसका विस्तार और अन्ततः

3.         उपसंहार

अब चलते है एक-एक करके सभी पर विस्तार से चर्चा करते है।

मित्रों

ज्योंहि आपकी दृष्टि निबंध के शिर्षक पर पड़ी त्योंहि उसपर लिखना प्रारंभ न कर दें। निबंध को लिखते-लिखते अचानक आपकी लेखनी रुक न जायें इसके लिए आप थोड़ा समय निबंध में लिखे जाने वाले बिन्दुओं को मानसिक पटल पर अवश्य रख लें। इससे यह होगा कि आपका निबंध लयबद्ध होगा। वे कहीं से टूटा-फूटा प्रतीत नहीं होगा। किन्तु याद रखें कि इसे कहानी के जैसा न लिखना शुरु कर दें।

जहाँ तक दिये गये निबंध की भूमिका लिखने का सवाल है, इसकी भूमिका का प्रारंभ यदि किसी श्लोक या किसी के कथन या कोई कविता या कोई लोकोक्ति से करें तो बेहतर होगा। जैसे-

यत्र नार्यस्तु पूज्यंते तत्र रमंते देवता – जो एक संस्कृत का श्लोक है।

भूमिका में शिर्षक की पुष्टि करने वाली बातों का ही वर्णन करें। जैसे महिला सशक्तिकरण क्या है। इसकी महत्ता क्या है ईत्यादि। इसे संक्षिप्त रखें।

भूमिका के बाद प्रस्तावना आता है। प्रस्तावना कई स्तरों पर पूरा करें है। इसे कई छोटे-छोटे शिर्षकों में बाँटे जैसे-

  • महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (विश्व और राष्ट्र के परिप्रेक्ष में)
  • महिला सशक्तिकरण से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य और आँकड़ें
  • महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता क्यों है
  • राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी
  • भारत में महिला सशक्तिकरण के बुनियादि तथ्य और आँकड़ें
  • भारत में महिला सशक्तिकरण के प्रयास
  • उपसंहार

इस तरह से यदि आप अपने Thought-process को organize करेंगे तो मेरे विचार से आपका निबंध अवश्य प्रभावकारी होगा और इस तरह से ज्यादा अंक अर्जित करने वाला बनेगा। यही तरीका आप अंग्रेजी निबंध में भी अपनायें। सफलता अवश्य मिलेगी।

शुभकामनायें!